असम के नए डीजीपी बने हरमीत सिंह

असम के नए डीजीपी बने हरमीत सिंह

गुवाहाटी, 20 मई (हि.स.)। असम सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी और स्पेशल डीजीपी हरमीत सिंह को राज्य का स्थायी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नियुक्त किया है। इस संबंध में मंगलवार को गृह (क) विभाग के आयुक्त-सचिव द्वारा अधिसूचना जारी की गई। हरमीत सिंह की नियुक्ति के साथ ही उनका वेतनमान भी मैट्रिक्स के 17वें स्तर के उच्चतम् स्केल में तय किया गया है, जो पदभार ग्रहण की तिथि से प्रभावी होगा।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले 27 जनवरी को असम-मेघालय कैडर के 1991 बैच के आईपीएस ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह (जीपी सिंह) को असम डीजीपी पद से मुक्त कर दिया गया था। उन्हें पदोन्नति के बाद अब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक का कार्यभार सौंपा गया है। तब तक असम गृह विभाग ने स्पेशल डीजीपी हरमीत सिंह को अस्थायी रूप से डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंपा था, जब तक कि नियमित नियुक्ति नहीं हो जाती। अब हरमीत सिंह को स्थायी रूप से डीजीपी नियुक्त कर दिया गया है।

डीजीपी बनने से पूर्व हरमीत सिंह हेडक्वार्टर और बॉर्डर स्पेशल डीजीपी, सिविल डिफेंस के डीजी, होम गार्ड के कमांडेंट जनरल तथा फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज के निदेशक जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय के सेंट स्टीफंस कॉलेज से इतिहास में बीए (ऑनर्स) करने वाले हरमीत सिंह ने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी से इतिहास में स्नातकोत्तर डिग्री प्राप्त की है। उन्हें व्यापक प्रशासनिक अनुभव, सामाजिक-राजनीतिक समझ और आधुनिक पुलिसिंग के समर्थक के तौर पर जाना जाता है।

उनका सेवाकाल आतंकवाद विरोध, संघर्ष समाधान, साइबर सुरक्षा, उग्रवाद से मुक्ति, बाल संरक्षण और आपातकालीन प्रतिक्रिया जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता से भरा रहा है। तकनीक समर्थित पुलिसिंग और स्मार्ट गवर्नेंस के जरिए नागरिक सहभागिता बढ़ाने के लिए वे विशेष रूप से चर्चित हैं।

हरमीत सिंह को वीरता के लिए पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, उत्कृष्ट सेवा, ईमानदार कर्तव्य पालन तथा पूर्वोत्तर क्षेत्र में सेवा हेतु कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीप्रकाश

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