केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संघों 20 मई की राष्ट्रव्यापी हड़ताल स्थागित, अब होगी 9 जुलाई को

चंडीगढ़, 16 मई (हि.स.)। पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में बदले हालात को देखते हुए केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संघों के आह्वान पर 20 मई को होने वाली राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को स्थगित कर दिया गया है। अब यह हड़ताल 9 जुलाई को होगी।

अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने शुक्रवार को बताया कि 20 मई को देशभर में कर्मचारी एवं मजदूर अपने कार्यस्थलों व जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह फैसला केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की आनलाइन हुई मीटिंग में लिया गया। इसके बाद अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ की सचिव मंडल की आयोजित आनलाइन बैठक में इस फैसले का अनुमोदन किया गया। बैठक में पहलगाम के आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष टूरिस्टों को श्रद्धांजलि भी दी गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष लांबा ने बताया कि इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल करने का करने का निर्णय देश की 11 में से दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और केंद्र एवं राज्य सरकार तथा पीएसयू में कार्यरत कर्मचारी व मजदूर संगठनों ने संयुक्त रूप से किया है। यह हड़ताल 29 श्रम कानूनों को खत्म कर बनाए गए चार लेबर कोड्स को रद्द करने, पीएफआरडीए एक्ट रद्द कर पुरानी पेंशन बहाली, इपीएस 95 के पेंशनर्स को भी ओपीएस के दायरे में लाने की प्रमुख मांगें शामिल हैं। इसके अलावा राजस्थान, छत्तीसगढ़ व झारखंड सरकार व कर्मचारियों के पीएफआरडीए में जमा राशि को वापस करने, सभी प्रकार के आउटसोर्स, संविदा, दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों और स्कीम वर्करों को नियमित करने, 26 हजार रुपये न्यूनतम वेतन रिवाइज करने, आठवें वेतन आयोग गठित करने की अधिसूचना जारी करने, देशभर में खाली पड़े पदों को भरने, संविधान के अनुच्छेद 310,311 (टू) ए,बी व सी को निरस्त करने, पेंशनर्स की 65 व 75 साल की उम्र में बेसिक पेंशन में 10 प्रतिशत बढ़ोतरी करने और सरकारी सहायता से कैशलैस मेडिकल सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग शामिल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा

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