Home बड़ी खबरे उत्तर भारतीयों के वोट का डर व अहमद पटेल के हस्तक्षेप से...

उत्तर भारतीयों के वोट का डर व अहमद पटेल के हस्तक्षेप से अल्पेश ने बदला पैतरा

98
0

 

सूरत मे उत्तर भारतीयों की सभा में मंच आसीन राजसभा सदस्य अहमद पटेल व भाषण देते यूपी के प्रदेश प्रमुख राज बब्बर

सूरत।गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमले और पलायन ने अब गुजरात की सियासत में खलबली मचा दिया है।गुजरात में भाजपा सरकार में उत्तर भारतीयों पर हुए हमले का असर इतना बढ़ा की यह समाज जो भाजपा के साथ खड़ा उसे लगा की भाजपा केवल उसका इस्तेमाल माल करती है सुरक्षा नही।जिससे कांग्रेस में खुसी का माहौल जैसे ही बनना शुरू हुआ की अचानक उसके एक विधायक का उत्तर भारतीयों के खिलाफ बयान आते ही भाजपा को बल मिल गया ।उसी दिन सूरत शहर में उत्तर भारतीयों ने पहले से तय अन्य भाषा भाषी सेल के जरिये एक कार्यक्रम रखा था।कार्यक्रम में बहुत दिनों बाद उत्तर भारतीय समाज कांग्रेस के कार्यक्रम में जुड़ा था।उस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई राष्ट्रीय दिग्गज नेताओं ने भी शिरकत की थी।

एक सूत्र ने बताया कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा के सांसद अहमद पटेल ने बदलती हवा व ठाकोर सेना से जुड़े अपने विधायक के बयान को संज्ञान में लेकर हाई कमान को अवगत करवाया ।जिसके परिणाम स्वरूप अल्पेश ठाकोर को अपना रुख बदलना पड़ा।कांग्रेस नही चाहती है की गुजरात की यह आंधी अन्य उत्तर भारतीय प्रदेशों में असर न डाले।वैसे भी अल्पेश ठाकोर बिहार में कांग्रेस के सह प्रभारी भी हैं।अब अल्पेश सद्भावना उपवास कर अपनी भूल सुधारने की कोशिश में दिख रहे हैं।

यही ही नही सूत्रों के अनुसार यूपी के सीएम योगी व बिहार के सीएम नीतीश कुमार के हस्तक्षेप के बाद भाजपा के राष्ट्रीय प्रमुख अमित शाह और पीएम मोदी भी ने इस मसले पर गुजरात के सीएम व डिप्टी सीएम को फटकार लगाते हुए सख्ती से निपटने की बात की है।

सूत्र ने बताया है कि उत्तर प्रदेश और बिहार के मजदूरों के खिलाफ हिंसा को नियंत्रित न कर पाने के लिए पीएम और शाह ने रूपाणी और पटेल को फटकार लगाई है। सूत्र का कहना है कि गुजरात में हिंदीभाषियों पर हमले बीजेपी के लिए चिंता की बात है और इसे वरिष्ठ नेताओं ने गंभीरता से लिया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में चुनाव को देखते हुए बीजेपी किसी तरह की नाकामी का संदेश नहीं देना चाहती है। हालांकि पलायन पर गुजरात प्रशासन का कहना है कि लोग त्योहार के कारण बड़ी संख्या में अपने घरों को लौट रहे हैं।

आपको बता दें कि साबरकांठा जिले में 28 सितंबर को 14 महीने की बच्ची से बलात्कार की घटना के बाद उत्तर भारतीय निशाने पर आ गए। पुलिस के मुताबिक उत्तरी गुजरात में हिंदीभाषी लोग हिंसा का शिकार हुए। रेप के आरोप में बिहार निवासी रवींद्र साहू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। रवींद्र एक स्थानीय फैक्ट्री में काम करता था। हालांकि इसके बाद भी हिंसा और धमकी के कारण मजदूरों का पलायन नहीं रुका।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here