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2700 करोड़ का GST चोर सुफियान सूरत से गिरफ्तार, 1300 फर्जी कम्पनी से करता था व्यापार

1500 कंपनियों से 1300 फर्जी कंपनियों का संचालक था सुफियान कापडिया



सूरत। सूरत में 2700 करोड़ रुपए के जीएसटी घोटाले का मुख्य सह सूत्रधार सुफियान कापड़िया को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले मामले में 18 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं। सुफियान 19वां आरोपित है। इसने जीएसटी की चोरी की शुरुआत की थी। आरोपित ने गलत दस्तावेज के आधार पर फर्जी फर्म खोलकर जीएसटी इनपुट हासिल किए थे। यह पूरा ग्रुप जीएसटी चोरी करता था।

1500 में से 1300 फर्जी फर्म गुजरात की

करोड़ों रुपए की जीएसटी चोरी करने के मामले में जांच चल रही है। पुलिस जांच में पता चला है कि आरोपितों ने 1500 फर्जी फर्म खोलकर बिलिंग कर जीएसटी चोरी की थी। 1500 में से 1300 फर्जी गुजरात में ही खोली गई थी। सूरत क्राइम ब्रांच के एसीपी वीरजीतसिंह परमार ने बताया कि सूरत के डीसीबी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर इसकी जांच की जा रही है। सूरत इको सेल को सूचना मिली थी कि सूरत में 8 नए फर्म खोले गए थे, जिसमें फर्जी कागजातों का इस्तेमाल किया गया था। इन फर्म के जरिए करोड़ों रुपए के ट्रांजेक्शन कर सरकार के साथ इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल कर ठगी गई।

एक साथ 6 शहरों में 6 जगहों पर की गई छापेमारी
वीरजीत सिंह ने बताया कि इस हकीकत के आधार पर गहराईपूर्वक जांच की गई। इसका तकनीकी विश्लेषण किया गया। पिछले साल एक साथ 6 शहरों की 6 जगहों पर छापेमारी की गई। इसमें मुख्य रूप से भावनगर, अहमदाबाद, मोरबी, सूरत और जूनागढ़ में जांच कर 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया। जांच आगे बढ़ी तो अन्य 4 लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। मामले में अभी तक कुल 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

15 राज्यों में रजिस्टर्ड थी कम्पनी

पुलिस अधिकारी ने बताया कि 250 कंपनियां गुजरात के बाहर अलग-अलग 15 राज्यों में रजिस्टर्ड की गई थी। कुल 1500 कंपनियों के जरिए करीब 2700 करोड़ रुपए का ट्रांजेक्शन कर गलत इनपुट क्रेडिट हासिल की गई। मुख्य सूत्रधार उस्मान को पुलिस ने भावनगर से पहले ही गिरफ्तार कर लिया है। वह भावनगर और सूरत से जीएसटी चोरी को ऑपरेट करता था। दूसरा मुख्य आरोपी सुफियान कापडिया को बताया जा रहा था, जो अब तक फरार था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है।

सूरत में 27 फर्जी फार्म होने का खुलासा

पुलिस अधिकारी विरजीतसिंह ने बताया कि सुफियान कापडिया ने सूरत में 8 फर्जी फर्म खोले थे। इसके अलावा 27 अन्य फर्जी फर्म के भी खोले जाने का खुलासा हुआ है। इसमें गणेश और गोपी इन्टरप्राइजेज फर्म में बिलिंग किया गया है। अहमदाबाद के टैक्स कन्सल्टेंट धर्मेश गांधी के साथ मिलकर 900 करोड़ रुपए का फर्जी बिलिंग किए जाने का पता चला है।

इको सेल क्राइम ब्रांच के जरिये मिली यह सफलता
पिछले साल अक्टूबर महीने में इको सेल क्राइम ब्रांच पुलिस ने गुजरात समेत देश के अन्य राज्यों में चल रहे जीएसटी के करोड़ों रुपए के फर्जी बिल मामले में छापेमारी की थी। पुलिस ने अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, जामनगर, भावनगर और राजकोट में कार्रवाई के दौरान जीएसटी के गलत बिल जब्त किए। इस दौरान पुलिस ने सर्वप्रथम दो आरोपितों को गिरफ्तार किए थे।

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