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विधायक झंखना बेन पटेल की सादगी श्रोताओं को भाया, कहा नेता हो तो ऐसा

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सूरत। डिंडोली के श्री चमत्कारी हनुमान मंदिर निर्माण हेतु आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के तीसरे दिन कथा का रसपान कराते हुए कथा वाचक व्यास अनादि जी ने बताया कि सभी स्थान पर बिना निमंत्रण जाने से पहले इस बात का ध्यान जरूर रखना चाहिए कि जहां आप जा रहे हैं। वहां आपका अपने इष्ट या अपने गुरु का अपमान न हो यदि ऐसा होने की आशंका हो तो उस स्थान पर नहीं जाना चाहिए चाहे वह स्थान अपने जन्मदाता पिता का ही घर क्यों ना हो।

कथा के दौरान सती चरित्र के प्रश्न को सुनाते हुए भगवान शिव की बात को नहीं मानने पर सती के पिता के घर जाने से अपमानित होने के कारण स्वयं को अग्नि में स्वाहा होना पड़ा था।कथा में उत्तानपाद के वंश ध्रुव चरित्र की कथा को सुनाते हुए बताया कि ध्रुव की सौतेली मां सुरुचि के द्वारा अपमानित होने पर भी उनकी मां सुनीति ने धैर्य नहीं खोया। जिससे एक बहुत बड़ा संकट टल गया।

परिवार को बचाए रखने के लिए धैर्य व संयम की नितांत आवश्यकता रहती है। भक्त ध्रुव द्वारा तपस्या कर श्रीहरि को प्रसन्न करने की कथा को सुनाते हुए बताया कि भक्ति के लिए कोई उम्र बाधा नहीं बाधा नहीं है, भक्ति को बचपन में ही करने की प्रेरणा देनी चाहिए। क्योंकि बचपन कच्ची मिट्टी की तरह होता है उसे जैसा चाहें वैसा पात्र बनाया जा सकता है ।उसी क्रम में कथा वाचक अनादि जी महाराज ने भक्त प्रहलाद की भक्ति भगवान नरसिंह का अवतार हिरण्यकश्यप बध तथा भक्त प्रहलाद की प्राण रक्षा की कथा का रसपान अपनी मधुर संगीत में पीरोते हुए तमाम भागवत प्रेमियों को कराया।

दूसरे दिन की कथा में चौर्यसी विधानसभा विधायक श्रीमती झंखना बेन पटेल,उत्तर ब्राह्मण समाज के प्रमुख राजाराम मिश्रा, पूर्व पार्षद यजुवेंद्र दुबे के साथ कई उत्तर भारतीय सामाजिक अग्रणीओं ने कथा पंडाल में उपस्थित होकर भागवत भगवान की कथा का रसपान किया। इन सभी के बीच चौर्यासी विधानसभा विधायक झंख़ना बेन पटेल ने बड़े ही सादगी से महिलाओं के बीच नीचे बैठकर कथा का श्रवण किया जो लोगों के बीच उत्साह का विषय बना रहा।

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