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जहरीले रसायन लीक के दोषियों को कड़ी सजा और पीड़ितों को जल्द मिले उचित मुआवजा

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2 दिनों में उनकी मांगे नहीं मानी गई तो होगा उग्र आंदोलन: इंटक

सूरत। शहर के सचिन में जहरीले रसायन की दुर्घटना के संबंध में विधायक आनंद चौधरी के नेतृत्व में इंटक ने सूरत जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौपते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए पीड़ितों को जल्द मुआवजा देने की मांग की है। इंटक के अधिकारीयों ने यह भी कहा है जल्द इस और कार्रवाई नहीं की जाती है तो उनका संगठन उग्र आन्दोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगा। गौरतलब हो की स्थानीय एक फैक्ट्री में गुरुवार की तड़के जहरीले रसायन के लिक हो जाने से 8 श्रमिकों की मौत हो गई जबकि 23 मजदूरों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

6 जनवरी की तड़के 4-5 के बीच सूरत के सचिन जीआईडीसी में एक बहुत ही दुखद दुर्घटना हुई, जिसमें जहरीले रसायन के प्रभाव से 8 श्रमिकों की मृत्यु हो गई और लगभग 23 श्रमिकों का इलाज किया जा रहा हैं।

इंटुक के वरिष्ठ अग्रणी शान खान ने कहा की सचिन जीआईडीसी में जीपीसीबी के अधिकारी, स्थानीय पुलिस, जिला प्रशासन और सत्ताधारी दल के बड़े नेताओं की साठगांठ में जहरीले रसायनों को खाड़ी में फेंकने का काम किया जा रहा हैं। इसके अलावा, उद्योगों और मिलों में संचालको द्वारा फैक्ट्री अधिनियम, सरकारी दिशानिर्देशों, मानदंडों एवं कानूनों का खुले धज्जियाँ उड़ाई जा रही है यहाँ तक की मजदूरों को किसी भी प्रकार का सुरक्षा उपकरण प्रदान नहीं किए जाता है। परिणाम स्वरूप आए दिन छोटी-मोटी घटनाएं तो आम होती है जिसके बारे में शिकायत के बाद भी प्रशासन संज्ञान में नहीं लेता है।

पूर्व में भी कई बार सचिन, पांडेसरा के निवासियों ने कुछ अवैध जहरीले रसायनों के टैंकर पकड़े थे। इसके साथ ही सचिन जीआईडीसी और पांडेसरा जीआईडीसी में मील संचालकों की ओर से भी रात के समय जहरीले रसायन छोड़ने का काम किया जा रहा हैं जिसके कारण आसपास के गांवों व इलाकों में लोगों को अस्थमा, कैंसर सहित अन्य गंभीर बीमारियां हो रही हैं। परंतु इस संबंध में कोई भी कार्रवाई नहीं की जाती है। जीपीसीबी, पुलिस, जिला प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों की आपराधिक लापरवाही से यह बेहद दुखद दुर्घटना हुई है।

इंटुक के वरिष्ठ अग्रणी शान खान ने कहा कि यदि अगले 2 दिनों में उनकी मांगें नहीं मानी जाती है तो एक उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा, जिसके लिए शासन-प्रशासन सम्पूर्ण रूप से जिम्मेदार होगा।

इस अवसर पर विधायक आनंद चौधरी, इंटुक प्रदेश महासचिव कामरान उस्मानी, सूरत शहर इंटुक अध्यक्ष उमाशंकर मिश्रा, इंटुक के वरिष्ठ अग्रणी शान खान, पूर्व शहर कांग्रेस अध्यक्ष हसमुख देसाई, सुरेश सोनवणे समेत अन्य अग्रणियों ने सिविल अस्पताल का दौरा कर ज्ञापन सौंपा।

इंटुक की मांगें –

(1) उपरोक्त दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।

(2) घटना के लिए जिम्मेदार जीपीसीबी, पुलिस, जिला प्रशासन के भ्रष्ट अधिकारियों को तत्काल ड्यूटी से बर्खास्त किया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।

(3) घटना में मारे गए व्यक्तियों के परिवार को 50-50 लाख रुपया मुआवजा और प्रभावितों को 5-5 लाख रुपया मुआवजा दिया जाए।

(4) श्रमिकों को सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराने वाले मील संचालको के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।

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