शिक्षक भर्ती व युक्तियुक्तकरण निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन

शिक्षक भर्ती व युक्तियुक्तकरण निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन

धमतरी, 20 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित डीएड बीएड संघ धमतरी ने मंगलवार को तहसील कार्यालय के सामने 57000 पदों पर शिक्षक भर्ती और युक्तियुक्तकरण निरस्त करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। संघ के पदाधिकारियों ने गांधी मैदान से रैली कर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कार्यालय पहुंचे। यहां इन्होंने मांगों को लेकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के नाम नायब तहसीलदार विवेक चंद्राकर को ज्ञापन सौंपा।

छत्तीसगढ़ प्रशिक्षित डीएड बीएड संघ जिला धमतरी ने आज चार प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संघ के वेदप्रकाश, नोवेंद्र, रोशनी, लकेश्वरी, रवीन्द्र, मंजू, भूमिका, रवि, शुभम, चुनेश्वर सहित डीएड बीएड संघ के अन्य सक्रिय सदस्यों ने मांग की है कि शासन 57000 शिक्षकों की भर्ती तत्काल करें। 4077 शासकीय स्कूलों को बंद करने के आदेश को वापस लें। वहीं शासकीय स्कूलों में युक्तियुक्तकरण निरस्त करने और शासकीय स्कूलों के शिक्षकों के 35000 पदों को समाप्त नहीं करने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा है। संघ जिलाध्यक्ष मितेश सार्वा, ब्लाक अध्यक्ष गीता सारथी, सागर साहू ने आरोप लगाते हुए बताया है कि लोकसभा चुनाव के समय भाजपा द्वारा मोदी की गारंटी के अंतर्गत 57000 शिक्षक भर्ती का वादा दो साल में पूरा करने की घोषणा किया गया था। वहीं तत्कालीन शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने विधानसभा पटल पर 33000 शिक्षक भर्ती शिक्षा सत्र 2023-24 में ही पूर्ण करने का वादा किया था। आज उस वादे को डेढ़ साल हो गए सरकार शिक्षक भर्ती नहीं करा सकी।

सरकार शिक्षक भर्ती न करते हुए शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण कर रही है। जिससे 4077 स्कूल बंद हो जाएंगे। युक्तियुक्तकरण के आड़ में सरकारी स्कूलों के 2008 के सेटअप में बदलाव किया जा रहा है। 2008 के सेटअप के अनुसार प्राइमरी स्कूल में एक प्रधानपाठक और दो सहायक शिक्षक होने चाहिए और माध्यमिक स्कूल में एक प्रधानपाठक और चार शिक्षक होने चाहिए। लेकिन नए सेटअप में प्राइमरी में एक प्रधानपाठक और एक सहायक शिक्षक होंगे। इसी तरह माध्यमिक में एक प्रधानपाठक और दो शिक्षक होंगे। सरकार सभी शासकीय स्कूलों से एक पद समाप्त कर रही है। जिसके चलते 35000 शिक्षकों के पद सीधे – सीधे समाप्त हो जाएंगे। प्रशिक्षित डीएड बीएड संघ इसका पुरजोर विरोध करता है। शासन – प्रशासन से मांग करते है कि मोदी की गारंटी के अंतर्गत 57000 शिक्षक भर्ती शीघ्र किया जाएं और युक्तिकरण जैसे काले कानूनों को निरस्त किया जाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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