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प्रतापनगर व डभोई में दो दिवसीय ‘स्टेशन महोत्सव’ की शुरुआत

नैरोगेज की सहेज कर रखी गई वस्तुओं और धरोहरों का अवलोकन कर दर्शको में भारी उत्साह

वडोदरा। पश्चिम रेलवे के वडोदरा मंडल द्वारा प्रतापनगर एवं डभोई स्टेशनों पर ‘स्टेशन महोत्सव’ का शुभारंभ किया गया। प्रतापनगर स्टेशन पर नैरोगेज समय की धरोहरों को देखकर स्कूली बच्चों वि नागरिकों में खासा उत्साह एवं उमंग देखी गई

वडोदरा के माननीया सांसद श्रीमती रंजनबेन भट्ट ने प्रतापनगर में आयोजित प्रदर्शनी का फीता काटकर शुभारंभ किया। मंडल रेल प्रबंधक श्री जीतेंद्र सिंह ने उन्हें ऐतिहासिक महत्व की विरासत व धरोहर के रूप में रखी गई  वस्तुओ एवं डिजिटल माध्यम से दिखाई जा रही जानकारी को विस्तार से समझाया। जिसे देखकर माननीया सांसद ने अभिभूत होकर इस आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मंडल प्रशासन को इस सुंदर आयोजन के लिए धन्यवाद दिया ।उन्होंने वडोदरा निवासियों से आव्हान किया कि आइए इस गौरवशाली अतीत को दर्शाती प्रदर्शनी का अवलोकन करें ।

तत्कालीन महाराजा गायकवाड की दूरदर्शिता एवं त्वरित निर्णयो से इस नैरोगेज लाइनों की स्थापना संभव हुई। यह वडोदरा शहर की रेलवे की धरोहर है जिस पर हमें गर्वित होना चाहिए। स्कूली बच्चों से चर्चा के दौरान माननीया सांसद ने उन्हें गंभीरता पूर्वक एवं पूरी लगन से इस धरोहरो के इतिहास को जानने, समझने एवं उसे अपने लेखन शैली से यादगार बनाने की अपील भी की।

इसी प्रकार डभोई स्टेशन पर भी स्टेशन महोत्सव के दौरान प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। साथ ही रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है जिसमे सथानीय गरबा नृत्य  का भी आयोजन किया जा रहा है। वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री सुनील बिश्नोई ने बताया कि डभोई व  प्रतापनगर के आयोजन में स्कूली बच्चों में खासा उत्साह एवं जिज्ञासा देखी गई। प्रदर्शनी में तैनात रेलवे स्टाफ द्वारा उनके सभी सवालों के उचित उत्तर देकर उनका उत्साहवर्धन  एवं ज्ञानवर्धन किया जा रहा है। इतने पुराने धरोहर के रूप में रखी चीजों को उनके द्वारा कौतूहल  से निहारा जा रहा है । अब तक तीन सौ से अधिक स्कूली बच्चों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

वरिष्ठ मंडल  वाणिज्य प्रबंधक श्रीमती मंजू मीना के अनुसार भावी पीढ़ी को अपनी धरोहर से रूबरू कराना हमारा मुख्य ध्येय हैं । इसके लिए कई ऐतिहासिक महत्व की चीजें अवलोकनार्थ रखी गई है जो विशेष आकर्षण की केंद्र बिंदु है।

 •      गायकवाड बरोड़ा स्टेट रेलवे का इतिहास

•      बैलों से खींची गई नैरोगेज ट्रेन का इतिहास

•      पुराने समय की टिकट डेटिंग मशीन, वी व एम शेप के निप्पर व उनकी उपयोगिता

•      पुराने समय में अजमेर भेजे जाने वाले नक़दी के लिए लेदर कैश बैग, ट्रेन को सिग्नल देने के  

       लिए लैंप, गेट लैंप   

•      स्माल साइज़ मेटल बेल व गायकवाड बरोड़ा स्टेट रेलवे का लोगो

•      प्राचीन ताले व मुहरे जो 150 वर्ष पुरानी है . जम्बुसर  – प्रतापनगर रेलखंड पर ट्रेन में टिकट  

      जारी करने हेतु गार्ड दवारा इस्तेमाल की जाने वाली टिकट ट्यूब व पुराने गत्ते वाली टिकटें।

•      पीतल की टिकट बारी जो गायकवाड स्टेट के समय की है।

•      प्रतापनगर स्टेशन के सामने रेलवे हेरिटेज पार्क , रोलिंग स्टॉक पार्क तथा रेलवे हेरिटेज संग्रहालय

      जहां 1936 का रोड रोलर, 1882 की हाथ से चलने वाली क्रेन,नेरोगेज व् ब्रोडगेज को क्रॉस

      करनेवाला डायमंड क्रॉसिंग, इंजिन व कोच को घुमाने वाली टर्न टेबल, नैरोगेज ट्रेन के आकर्षक

      व्हील, हाथ से चलने वाला जनरेटर, भारतीय रेलवे के लोगो, ट्रेन चलाने के लिए ब्लॉक मशीने, 

      पुरानी वॉल क्लॉक इत्यादि कई धरोहर आपका इंतजार कर रही है आइए पश्चिम रेलवे के ‘स्टेशन

      महोत्सव’  में सपरिवार पधार कर वडोदरा शहर एवं भारतीय रेल धरोहरों से रूबरू होकर गौरव 

      का अनुभव करें।

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